हाय रे सिस्टम... तीन लोगों पर हुआ था जानलेवा हमला, चार दिन बाद भी नहीं आई मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस की कार्रवाई भी अटकी - ऑनलाइन सिस्टम के कारण आई अड़चन, घायलों के 20 टांके आए फिर भी पुलिस ने लगाई सामान्य मारपीट की धाराएं
जयपुर। शनिवार 4 अप्रैल को जयपुर के नारायण विहार थाना क्षेत्र के वंदेमातरम रोड पर एक पेट्रोल पंप पर कुछ बदमाशों ने पंप मालिक और कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया था। हमले में पेट्रोल पंप के मालिक और दो पंप कर्मियों को गंभीर चोटें आई। पंप मालिक सोहन चौधरी के सिर पर 7 टांके आए जबकि कर्मचारी माहिर के सिर पर 14 टांके आए। एक अन्य कर्मचारी संतोष कुमार को मामूली चोटें आई। मारपीट के दौरान आरोपी 43 हजार रुपए भी छीन कर ले गए। सोहन लाल चौधरी की रिपोर्ट पर नारायण विहार थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद भी परिवादी सोहन और पंप कर्मी माहिर की मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई। मेडिकल रिपोर्ट नहीं आने से पुलिस की कार्रवाई भी अटक गई।
दो घायलों के सिर में आए 20 टांके, फिर भी सामान्य धाराओं में केस दर्ज
मारपीट की घटना शनिवार 4 अप्रैल की दोपहर साढ़े 12 बजे की है। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। नारायण विहार पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले ही घायल सोहन लाल और माहिर को इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया। माहिर को निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। शनिवार शाम को परिवादी सोहनलाल की ओर से नारायण विहार थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। चूंकि मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने सामान्य मारपीट और चोरी की धाराओं [115(2), 126(2) और 303(2)] में रिपोर्ट दर्ज की गई। हमले की पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है।
चार दिन तक भटके मेडिकल के लिए
इस घटना में सिस्टम की हैरानी करने वाली लाचारी सामने आई। शनिवार 4 अप्रैल को मारपीट की घटना हुई लेकिन बुधवार 8 अप्रैल तक मेडिकल की रिपोर्ट नहीं आई। ऐसे में हमलावरों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भी आगे नहीं बढ सकी। घटना के अगले दिन 5 अप्रैल को एक पुलिसकर्मी के साथ घायल सोहन लाल और संतोष कुमार को मानसरोवर के सेक्टर 12 स्थित डिस्पेंसरी ले जाया गया। वहां काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार किया, बाद में बताया गया कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं। ऐसे में अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें मानसरोवर के अग्रवाल फार्म स्थित डिस्पेंसरी जाने के लिए कहा गया। सोहन लाल और संतोष कुमार को लेकर पुलिसकर्मी अग्रवाल फार्म स्थित डिस्पेंसरी पहुंचे। वहां के डॉक्टर ने यह कहते हुए मेडिकल जांच करने मना कर दिया कि यह मामला उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। पुलिसकर्मी दोनों घायलों को लेकर वापस मानसरोवर सेक्टर 12 स्थित डिस्पेंसरी पहुंचे। तब तक दोपहर की 12 बज गए, रविवार होने के कारण डिस्पेंसरी बंद हो चुकी थी। ऐसे में मेडिकल जांच नहीं हो सकी।
ऑनलाइन रिपोर्ट सबमिट ने होने के कारण भटकना पड़ा
अगले दिन 6 अप्रैल की सुबह 10 बजे पुलिसकर्मी और दोनों घायलों को लेकर मानसरोवर सेक्टर 12 स्थित डिस्पेंसरी पहुंचे। पहले एक महिला डॉक्टर के पास गए तो वे बोली कि वे पुरुष मरीजों की मेडिकल जांच नहीं करती। बाद में अन्य डॉक्टर के पास पहुंचे जिनका नाम डॉ. सत्येंद्र शर्मा था। डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने कहा कि वे हाल ही में ट्रांसफर होकर इस डिस्पेंसरी में आए हैं। उनकी आईडी फिलहाल एक्टिव नहीं हुई है। चूंकि मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट करनी होती है। ऐसे में डॉक्टर सत्येंद्र शर्मा की आईडी एक्टिव नहीं होने कारण वे मेडिकल जांच नहीं कर सकते। बाद में ऊपरी मंजिल पर बैठे ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के पास पहुंचे। उन्होंने मेडिकल जांच का आश्वासन दिया लेकिन इंतजार करते करते दोपहर के तीन बज गए। ऐसे में डॉक्टर और स्टाफ चला गया और मेडिकल जांच नहीं हो सकी। मंगलवार 7 अप्रैल की सुबह नारायण विहार पुलिस थाने के सिपाही के साथ दोनों घायल सोहनलाल और संतोष को लेकर फिर से मानसरोवर सेक्टर 12 स्थित डिस्पेंसरी पहुंचे जहां डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने दोनों की मेडिकल जांच की। अगले दिन बुधवार 8 अप्रैल गंभीर रूप से घायल माहिर का मेडिकल डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने किया। सर्वर डाउन होने की वजह से बुधवार 8 अप्रैल को डॉक्टर सत्येंद्र शर्मा मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट नहीं कर सके। मेडिकल रिपोर्ट को ऑनलाइन सबमिट करने के लिए डॉ. सत्येंद्र शर्मा के साथ तीनों घायल और पुलिसकर्मी जयपुरिया अस्पताल के लिए रवाना हुए। वे दोपहर दो बजकर दस मिनट पर जयपुरिया अस्पताल पहुंचे तब तक वहां का स्टाफ जा चुका था। ऐसे में बुधवार 8 अप्रैल को भी मेडिकल रिपोर्ट सबमिट नहीं हो सकी। नए नियमों के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट करना अनिवार्य है। हार्ड कॉपी नहीं दी जा सकती, ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट के अभाव में घटना के चार दिन बाद भी हमलावरों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हो सका।
बोतल में पेट्रोल नहीं देने पर की थी मारपीट
शनिवार 4 अप्रैल की दोपहर को कार सवार तीन युवक वंदेमातरम रोड स्थित सांवरिया फिलिंग स्टेशन पहुंचे। कार में 300 रुपए का पेट्रोल डलवाने के बाद एक युवक कार से उतरा और प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल भरने की बात कही। पंपकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल भरने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह युवक पेट्रोल पंप के पिछले हिस्से में रखे जनरेटर के पास से पांच लीटर का पीपा उठा लाता है और उसमें पेट्रोल भरने की बात कहता है। पंप कर्मियों ने पेट्रोल डालने से मना कर दिया। इसके बाद कार सवार युवक पंप कर्मियों से उलझ गया। वह गाली गलौज करते हुए धमकी देने लगा। इस दौरान पेट्रोल पंप के मालिक सोहन लाल भी वहीं मौजूद होते हैं। उन्होंने भी नियमों का हवाला देते हुए बोतल और पीपे में पेट्रोल डालने से मना कर दिया। इसके बाद वह युवक हाथापाई शुरू करता है। बाद में उसका साथी भी पहुंचता है और मारपीट शुरू कर दी जाती है। हमले में पेट्रोल पंप मालिक सोहन लाल और पंप कर्मी माहिर के सिर में गंभीर चोटें आई जबकि संतोष कुमार के हल्की चोटें आई।
एक हमलावर राउंडअप, अन्य की तलाश जारी
नारायण विहार थाना प्रभारी गुंजन सोनी का कहना है कि हमलावरों की तलाश के लिए एएसआई राजकुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। एक हमलावर को राउंडअप किया गया है जिससे पूछताछ कर अन्य आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
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